दुश्मन हो जाएं सावधान, अब भारत में बनेंगे F16 लड़ाकू जेट

plane-1132x670.jpgप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की यात्रा से पहले अमेरिकी विमान कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत में ही एफ-16 लड़ाकू विमान बनाने की घोषणा की है। भारत के लिए यह बेहद खास पल है। इस काम मे अमेरिकी कंपनी का साथ देश का सबसे नामी टाटा समूह देगा। पेरिस एयरशो के दौरान इसका ऐलान किया गया है। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘भारत में एफ-16 के उत्पादन से अमेरिका में लॉकहीड मार्टिन और उसके आपूर्तिकर्ताओं को नौकरियां बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस करार से भारत में भी नई नौकरियां पैदा होंगी। इस सौदे के तहत लॉकहीड टेक्सास के अपने फोर्ट वर्थ कारखाने को भारत स्थानांतरित करेगी। भारत को इस सीरीज का ब्लॉक 70 ऑफर किया जा रहा है जो सबसे नया मॉडल है।

इससे देश के निजी क्षेत्र में रक्षा उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके पहले टीएएसएल ने सी-1390 जेड विमान के लिए एयरफ्रेम कम्पोनेंट बनाया है। इसके अलावा टाटा पहले से ही C-130 मिलिटरी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के कंपोनेंट बना रहा है। दोनों कोंपनियों की तरफ से यह भी कहा गया है की यह सौदा भारतीय वायुसेना की एक इंजन वाले लड़ाकू विमान की मांग को पूरा करने के अनुकूल है। इस समझौत की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब 25 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के लिए अमेरिका जा रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच ये मुलाकात 26 जून को होनी है।

टाटा समूह व अमेरिकी वैमानिकी कंपनी लाकहीड माटर्नि ने एफ—16 लड़ाकू विमान भारत में बनाने के लिए आज एक बेड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।

टाटा व लाकहीड माटर्नि के इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए बड़ा समर्थन बताया जा रहा है। इस समझौते की घोषणा ऐसे समय में की गई है जबकि प्रधानमंत्री मोदी थोड़े ही दिन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ बैठक केलिए अमेरिका जा रहे हैं। ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा होगी।

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार भारतीय वायु सेना को इस समय मझोले भार के 200 लड़ाकू विमानों की जरूर है। लाकहीड माटर्नि का दावा है कि एफ—16 ब्लाक 70 उसका सबसे नया और सबसे उन्नत उत्पाद है।

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