हिंसा में बर्बाद हुए हिंदू भाइयों की इस तरह मदद कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के मुसलमान

कोलकाता: पश्चिम बंगाल जल रहा है, धार्मिक कट्टर लोग एक दूसरे की जान लेने पर तुले हुए हैं। राजनीतिक पार्टियां भी इसका फायदा उठाने के लिए घिनौना खेल खेलने में लगी हुई हैं। कल ही खबर आई थी कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेता गुजरात दंगों और कई फिल्मों के वीडियो सोशल मीडिया में डालकर दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बशीरहाट के मुसलमानों ने धार्मिक सौहार्द कायम करने की एक अनोखी मिशाल पेश की है।

लगभग एक हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर एक नाबालिग द्वारा पोस्ट डाले जाने के बाद बांग्लादेश की सीमा से लगे पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तर 24 परगना के बशीरहाट में दंगा भड़क गया था। जिसमें भड़की हिंसा में कई लोगों के घर जला दिए गए थे, जिसमें हिंदुओं के घर ज्यादा थे। बशीरहाट में हुई हिंसा में हिंदुओं का काफी नुकसान हुआ है। कई लोगों के कारोबार बर्बाद हो गए। लेकिन दंगे के हफ्ते भर बाद एक अच्छी खबर आ रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, बशीरहाट के मुसलमान अब आपसी सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। वह आपस में कुछ पैसे इकट्ठे करके हिंदुओं की मदद करने की शानदार कोशिश कर रहे हैं। मुस्लिम लोग अपने हिंदू पड़ोसियों की मदद के लिए पैसा बांट रहे हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है मोहम्मद नूर इस्लाम गाजी और अजय पाल की। दंगे में अजय पाल की पान-बीड़ी की दुकान का काफी नुकसान हुआ था। लेकिन अब गाजी ने इलाके के मुसलमानों को इकट्ठा करके अजय पाल की मदद करने का फैसला किया है।

इस्लाम गाजी ने मुसलमानों की मदद से अजय की दुकान ठीक करने और फिर से दुकान लगाने के लिए दो हजार रुपए की मदद की है। गाजी एक स्थानीय व्यापारी हैं। इस पर बात करते हुए गाजी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने के बाद भी हमारे इलाके में बहुत शांति थी, लेकिन जो मंगलवार को हुआ वह सही नहीं था।

गाजी ने बताया कि इस हिंसा में कुछ बाहर के लोग और कुछ स्थानीय लड़के शामिल थे। इस निंदनीय घटना के बाद अब हमे अपने हिन्दू भाइयों के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि इससे उनके नुकसान की भरपाई हो सके और वे एक नई शुरुआत कर सकें। वहीं मस्जिदपाड़ा के रहने वाले इरशाद अली गाजी का कहना है कि मेरे कई बचपन के साथी हैं जो कि हिन्दू हैं। इस हिंसा में उनको काफी नुकसान पहुंचा है इसलिए हमसे जो मदद बन पाएगी हम वो जरूर करेंगे।

इस मामले में अजय पाल का कहना है कि मेरा 15 हजार का नुकसान हो गया है। मंगलवार को सैकड़ों लोग आए और मेरी दुकान लूट ले गए। मैं नहीं जानता क्यों? मेरे पड़ोसी और मुसलमान दोस्त फिर से बिजनेस शुरू करने के लिए पैसा दे रहे हैं। मैं जल्द ही फैसला लूंगा। अजय पाल के ठीक बगल में दुकान लगाने वालीं रूमा देवी की भी मुसलमानों ने 2000 रुपए की मदद की है।

इसी तरह से 24 परगना क्षेत्र के चप्पापारा, मस्जिदपारा, भयाबला और बशीरहाट के अन्य इलाकों के मुसलमान लोग अपने हिंदू पड़ोसियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। मस्जिदपारा के इरशाद अली गाजी ने कहा कि हम सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। मेरे हिंदू दोस्त हैं, जिन्हें मैं बचपन से जानता हूं और मेरे साथ काम करने वाले हिंदू हैं। हमने उनसे कहा है कि हम उनकी पूरी मदद करेंगे, ताकि वे फिर से अपना बिजनेस शुरू कर सकें।

बशीरहाट के वार्ड नंबर 14 के पार्षद बाबू गाजी ने बताया कि यह फैसला हुआ है कि हिंदू और मुस्लिम साझा समूह में रात के दौरान गश्त करेंगे और पड़ोस के साथ-साथ धार्मिक स्थानों पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के बाहरी लोगों की दंगा भड़काने में अहम भूमिका है। इसलिए बाहरी लोगों को इलाके में नहीं आने दिया जाएगा।

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