बिजली विभाग की लापरवाही ,कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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  खंभे की जगह बाँस के सहारे हाई टेंशन तार

उधवा: झारखंड सरकार जहाँ एक ओर 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने का वादा करती हैं साथ ही बिजली विभाग को दुरुस्त करने का वादा भी कर रही है। वही उधवा प्रखंड के कई हिस्सों में बिजली विभाग के अधिकारियों की गहरी नींद में रहने की बात साफ नजर आती हैं।

ऐसा ही मामला एक बार फिर सामने आया है, उधवा प्रखंड के सुदूर क्षेत्र केलाबाड़ी से आतापुर के बीच हाईटेंशन बिजली की तार इतना नीचे हो गई है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, तथा कई वर्षों से तार को बदली भी नहीं की गई है जिसके कारण हाईटेंशन तार जर्जर अवस्था में है। जिसे आए दिन छोटे बड़े घटना होते रहते हैं । ऐसा ही एक जगह केलाबाड़ी से आतापुर के बीच खम्मा की जगह बांस की सहारे से हाइटेंशन तार को ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाया गया है।

उधवा प्रखंड के उपभोक्ता मैदुल इस्लाम, वरकत अली, शाहजहान अली, ऐनुल हक अंसारी, सेनाउल शेख, मनोहर मंडल, रवि कुमार, रविउल शेख आदि का कहना है कि उधवा प्रखंड में बिजली आपूर्ति हमेशा से ही लाचार अवस्था में रही है, सप्ताह में एक एक दिन ही बिजली मिलती है बाकि दिन लालटेन युग में हम लोग जीते हैं।

उपभोक्ताओं का कहना है कि उधवा प्रखंड में पावर स्टेशन तो बना है ,लेकिन बिजली से संबंधित सामान की रखरखाव के व्यवस्था नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को निजी पैसा से कभी डिश तो कभी तार तो कभी इंसुलेटर खरीद कर लगाने पर ही लोगों को बिजली मिलती हैं। प्रखंड में संचालित बिजली तार इंसुलेटर डिश जर्जर हो जाने के कारण दो महीना पूर्व पश्चिमी उधवा दियारा के बालू गांव में एक युवक की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी तथा 3 वर्ष पूर्व चांदशहर गांव में एक 8 वर्षीय युवक की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं बालू गांव बाजार समीप एक युवक पर एल टी तार गिरने से घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई थी। इस तरह की घटना होने के बावजूद भी बिजली विभाग ने व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

संवाददाता: राजेश कुमार, उधवा, साहेबगंज।

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