अस्पताल की लापरवाही से गर्भवती महिला और बच्चे की गई जान।

राजमहल: साहिबगंज जिला के राजमहल अस्पताल का इन दिनों बुरा हाल है। या यूं कहिए हॉस्पिटल सिर्फ नाम का है, सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। जिसका खामियाजा आज एक गर्भवती महिला जच्चा बच्चा दोनों की जान गई। यदि समय रहते इनका इलाज होता तो आज इतनी बड़ी दुर्घटना ना घटती। महिला के पति का आरोप है कि उन्हें जबरदस्ती हॉस्पिटल से रेफर किया गया और रेफर करने वक्त उनकी पत्नी की जान जा चुकी थी। उनका आरोप है कि मेरे साथ धक्कामुक्की करके जबरदस्ती मुझे हॉस्पिटल के गेट से बाहर भगाया गया और एंबुलेंस में बैठा करके जबरदस्ती मुझे रेफर किया गया जिस समय रेफर किया गया था मेरी पत्नी की जान जा चुकी थी। सुबह में मैं 9:00 बजे के लगभग अस्पताल पहुंचा था, उस समय तक मेरी वाइफ की तबीयत बिल्कुल ठीक थी। दोपहर बाद जब मेरी वाइफ तड़पने लगी तो मैंने डॉक्टर और नर्स को खोजा कोई डॉक्टर उस समय हॉस्पिटल में मौजूद नहीं था। और समय में कोई नहीं आया जिसके कारण मेरी पत्नी का जान चली गई। इतना ही नहीं अपना पिंड छुड़ाने के लिए मेरे मरे हुए पत्नी की लाश को राजमहल हॉस्पिटल से रेफर कर दिया और मुझे जबरदस्ती हॉस्पिटल से निकाल कर के एंबुलेंस में धक्का-मुक्की करके चढ़ाया गया। मैं गरीब लाचार मेरी दुआ कौन सुनेगा आज मेरा जिंदगी सुना हो गया। बेचारे पति और दो छोटे छोटे बच्चे का रो-रो कर के बुरा हाल है।

Advertisements