सीएम के बयान पर आक्रोश, सामाजिक संगठनो ने की सीएम के बयान की निंदा

रविवार को एक शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सीएम रघुवर दास ने झारखंड की माताओ को बच्चे पैदा करने को लेकर नसीहत देते हुए कहा की स्कूटर की दुकानों में पंचर बनाने और केले बेचने के लिए बच्चे पैदा न करें. सीएम के इस बयान का अब विरोध शुरू हो गया है. अलग अलग सामाजिक संगठन सीएम के बयान का विरोध कर रहे है. आम्या ने सीएम के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राज्यपाल और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सीएम पर कार्रवाई की मांग की है. आम्या के अध्यक्ष एस.अली ने कहा की कल ही मुख्यमंत्री ने तेली समाज के कार्यक्रम में आबादी के आधार पर आरक्षण मिलने कि वकालत कि, वही दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का ऐसा शर्मनाक बयान उनकी दोहरी और दिवालियापन सोच को दर्शाति है,

एस अली ने कहा की सरकार इस्लाम नगर में आवास बनाकर कोई एहसान नही कर रही है बल्कि एक बसी हुई आबादी जिसे उजाड़ दिया गया था, जिसे 2012 में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पुनः आवास बनाकर बसा रही है, रही बात पंचर बनाने की तो सरकार और राजनीतिक दलों के पंचर हो चुके सिस्टम ने युवाओ को पंचर साटने और केला बेचने पर मजबूर किया है, मुख्यमंत्री को मुस्लिमों और नौजवानो के प्रति हमदर्दी है तो आबादी ना बढ़े उसके लिए अभियान, समुचित विकास, शिक्षा पर काम क्यों नही करती. उन युवकों को आर्थिक सहयोग क्यों नही करती जो पंचर साटने और केला बेचने का काम छोड़ अच्छा रोजगार करे. मुख्यमंत्री रघुवर दास को बताना चाहिए कि जो युवक आई.एस, आई.पी एस, डीएसपी, बीडीओ, सीओ, दरोगा, अभियंता और दूसरे सरकारी पदों पर है उन्हें क्यों संटिंग में डाल रखा है।

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