जल संसाधनों पर अद्यतन डेटा के एकल खिड़की स्रोत के रूप में एनडब्‍ल्‍यूआईसी की स्‍थापना

waterनई दिल्‍ली: कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय जल सूचना विज्ञान केंद्र (एनडब्ल्यूआईसी) को हाल ही में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय द्वारा नई दिल्‍ली में सृजित किया गया है। इसके लिए 28 मार्च, 2018 को जारी अधिसूचना देखें। एनडब्ल्यूआईसी राष्‍ट्र व्‍यापी जल संसाधन डेटा का एक संग्राहक होगा और यह जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के एक अधीनस्‍थ कार्यालय के रूप में काम करेगा। इस केन्‍द्र का प्रमुख संयुक्‍त सचिव स्‍तर का एक अधिकारी होगा।

जल संसाधनों का प्रबंधन एक अत्‍यंत जटिल एवं कठिन कार्य है जिसमें बहु-विषयक ज्ञान क्षेत्रों की विशेषज्ञता की जरूरत पड़ती है और यह ऐतिहासिक एवं वास्‍तविक समय वाले विश्‍वसनीय डेटा एवं सूचनाओं पर निर्भर रहता है। इसके लिए पहली आवश्‍यकता यह है कि एक व्‍यापक ‘जल संसाधन सूचना प्रणाली (डब्‍ल्‍यूआरआईएस)’ को विकसित कर उसका समुचित रख-रखाव एवं नियमित अद्यतन सार्वजनिक तौर पर किया जाए, ताकि जल संसाधनों के कारगर एकीकृत प्रबंधन के लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सभी संब‍ंधित हितधारकों को इसमें शामिल किया जा सके। यह वैज्ञानिक आकलन, निगरानी, प्रतिरूपण एवं निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के लिए भी पहली आवश्‍यकता है। इसे ध्‍यान में रखते हुए एनडब्‍ल्‍यूआईसी द्वारा जल संसाधनों एवं संबंधित विषयों (थीम) पर अद्यतन डेटा का ‘एकल खिड़की’ स्रोत मुहैया कराए जाने की आशा है। इसके साथ ही एनडब्‍ल्‍यूआईसी द्वारा इसके प्रबंधन एवं सतत विकास के लिए सभी हितधारकों को मूल्य वर्द्धित उत्‍पाद एवं सेवाएं मुहैया कराने जाने की उम्‍मीद है।

उपर्युक्‍त केन्‍द्र जल एवं जल विज्ञान संबंधी चरम या भीषण स्थिति से निपटने हेतु आपातकालीन उपाय करने वाले अन्‍य केन्‍द्रीय एवं राज्‍य संगठनों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के प्रमुख अनुसंधान संस्‍थानों के साथ सहयोग करेगा।

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