महीनों मिलता नहीं राशन, मांगने पर सदा के लिए राशनकार्ड से नाम काट देने की दी जाती है धमकी

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कांडी (गढ़वा): प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत चटनियां पंचायत के घोड़दाग़ गांव की समस्या बड़ी जटिल है। यहाँ के ग्रामीणों ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री को एक हस्त लिखित आवेदन देकर आवगत कराया कि अब तक अगस्त महीने का राशन कार्डधारी लोगों के बीच वितरण नहीं किया गया।

लाभुकों ने जानकारी देते हुए कहा कि अक्षयबर विश्वकर्मा (लाइसेंस नम्बर – 80/92) सस्पेंड हो गया था, जिस कारण लाभुकों का राशन पाना महिला सहायता समूह (लाइसेंस नम्बर – 31/11) के पास स्थानांतरण हो गया था। पाना सहायता समूह के दुकानदार द्वारा अगस्त महीने का राशन नहीं दिया गया। पाना सहायता समूह के दुकानदार कहते हैं कि अक्षयबर विश्वकर्मा के पास मिलेगा और अक्षयबर विश्वकर्मा का कहना है कि वहां मिलेगा। जिस कारण लगभग 30 से 35 लाभुकों को अगस्त के राशन नहीं मिला है। लाभुक हैरान और परेशान हैं कि उन्हें राशन कहाँ प्राप्त से होगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी राशन नहीं मिलने पर ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध किया गया था जिससे गांव की लालो देवी, सुनीता देवी, फुलपतिया देवी, शाकुंतला देवी, बेबी देवी, उषा देवी, रीना देवी, किरण देवी आदि को राशन मिलना बंद हो गया। सभी ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अनुमंडल पदाधिकारी से भी की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों द्वारा राशन मांगने पर “ज्यादा बोलोगे तो राशन हमेशा के लिए बंद हो जाएगा” जैसी धमकियां भी राशन डीलर द्वारा ग्रामीणों को दी जाती हैं। न्याय के लिए पूर्व की भांति फिर से ग्रामीण प्रखंड से लेकर जिले के सभी संबंधित पदाधिकारी का दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन गरीबी और भूख का मार झेल रहे इन गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं हैं।

 

संवाददाता: विवेक चौबे, गढ़वा, झारखण्ड 

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