बढ़ती महंगाई को देखते हुए चुनाव में जनता देगी जवाब: सांसद विजय हांसदा

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पाकुड़: पेट्रोल डीजल की दामों में लगातार हो रही वृद्धि के खिलाफ झामुमो पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता ने सोमवार को भाजपा सरकार के खिलाफ बैलगाड़ी, ठेला, रिक्सा के साथ प्रदर्शन किया। पुरे शहर में केंद्र सरकार मुर्दाबाद, रघुवर सरकार गद्दी छोड़ो, पेट्रोल डीजल के दाम वापस लो का नारा गूंजता रहा। शहर के पुराना सदर अस्पताल से प्रदर्शन की शुरुआत की गई जो प्रखंड कार्यालय पहुंच कर सभा में तब्दील हो गई। इसका नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष श्री श्याम यादव ने किया। संचालन प्रखण्ड उपाध्यक्ष अताउर रहमान ने किया।

राजमहल सांसद विजय हांसदा बैलगाड़ी से प्रदर्शन में शामिल हुए। सांसद श्री हांसदा ने कहा कि देश में डीजल, पेट्रोल रसोई गैस की कीमतों में हो रहे वृद्धि के कारण आम जनता परेशान है। बढ़ती महगाई से जनता परेशान है। डॉलर के मुकाबले रुपैया लगातार गिर रह है। पेट्रोल डीजल और गैस के दामों में बढ़ोतरी का बोझ आम जनता पर पड़ा है।

सांसद विजय हांसदा ने कहा कि यह सरकार किसी की नहीं सुन रही है। पेट्रोल की कीमतों से देश के लगभग 60 करोड़ लोगों की जिंदगी सीधे प्रभावित होती है, पर सरकार को इससे कोई लेना देना नहीं है। जनता की मजबूरी सरकार को नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा मात्र 1 दिन में पेट्रोलियम पदार्थों पर एक्साइज ड्यूटी देश भर से केंद्र सरकार के खजाने में 650 करोड़ रुपए आते हैं। राज्य की सरकारें वैट से 456 करोड़ की कमाई करती है पेट्रोलियम कंपनी को 1 दिन में पेट्रोल डीजल बेचने से 120 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है पर सरकार दाम घटाने को तैयार नहीं है।

जेएमएम जिला अध्यक्ष श्री श्याम यादव ने कहा कि अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेलों की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है वहीं भारत में प्रत्येक सप्ताह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। आम जनता को आगे आकर साथ देने की जरूरत है। भाजपा सरकार जनता को बेकूफ़ बनाने में लगी हुई है। देश मे सरकार विकास नहीं विनाश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश आजाद होने के बाद भी आज जनता अपने आप को गुलामी महसूस कर रहा है।

मौके पर झामुमो जिला अध्यक्ष श्याम यादव, जिला प्रवक्ता शाहिद इक़बाल, झामुमो नेत्री डौली पांडे, सानू मुखिया, पंचलाल यादव, मुस्लोउद्दीन शेख, फिरोज अली, भगवती गुप्ता, अब्दुल रसीद, हबीबुर रहमान, कमरुद्दीन शेख, मंगल मरांडी, कौसर आलम, ज़ाकिर हुसैन, महमूद आलम, फजलुर रहमान, अजफारुल शेख, खैरुल आलम, रफिजुद्दीन शेख, मौलाना कमरुजमाल, वीरू घोष, मुकलेसुर रहमान, शेख रहमतुल्ला, आबूताहिर, सफीकुल आलम, अफजल हुसैन, अब्दुल समद, आलमगीर आलम, अब्दुल आलिम, मंजूर आलम, दानारुल शेख, यूसुफ खान, अब्दुल काफी, मो.कमरुद्दीन, महबूब आलम, अलेकुल आलम, आबेदुर रहमान, आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे।

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