20 सूत्रीय कार्यालय में पंडित दीन दयाल उपाध्याय की मनाई गई जयंती

कांडी (गढ़वा): प्रखण्ड 20 सूत्रीय कार्यलय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। उपस्थित भाजपा के कार्यकार्ताओं द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प व पुष्पमाला अर्पण कर कार्यक्रम की शुरुवात की गई।

जयंती के मौके पर 20 सूत्रीय अध्यक्ष रामलला दुबे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विख्यात संघ विचारक तथा भारतीय जनसंघ पार्टी के संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय की आज 102वीं जयंती है। देशभर में उनकी जयंती काफी धूमधाम से मनाई जा रही है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार ने उनके नाम पर अनेक योजनाएं चालू की हैं।

विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था और वह दिसंबर के 1967 में जनसंघ के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी थी।

साथ ही अजय कुमार सिंह ने कहा कि उनके मार्गदर्शन पर हम सबों को चलने की आवश्यकता है। बताते चलें कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय के पिता पेशे से एक ज्योतिषी थे। जब वह सिर्फ तीन वर्ष के थे, तब उनकी माता का देहांत हो गया था। उसके कुछ वर्ष बाद ही जब उनकी उम्र आठ वर्ष थी तब पिता का साया भी सिर से उठ गया। ‘एकात्म मानववाद’ का संदेश देने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा के नगला चंद्रबन में हुआ था। इनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था। माता रामप्यारी धार्मिक प्रवृत्ति की थीं।

मौके पर मंडल अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, महामंत्री राजेन्द्र पाण्डेय, भोला मेहता, उपाध्यक्ष शशि रंजन दुबे, युवा मोर्चा के अध्यक्ष रामानुज सिंह, ललित बैठा, सुमित सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

संवाददाता: विवेक चौबे, गढ़वा, झारखंड

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