सीआरपीएफ जवान की अद्भुत व स्मरणीय पहल, निर्धन व असहायों के लिए बढ़ाया कदम

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पलामू (झारखण्ड): सीआरपीएफ जवान दुर्गेश सिंह ने पलामू रेलवे स्टेशन पर रात्रि में गांधी जयंती के अवसर पर गरीब असहाय निर्धन के बीच वस्त्र व भोजन का वितरण किया।

दुर्गेश सिंह ने कहा कि गांधी जी ने 15 अप्रैल 1917 को जब चंपारण के मोतिहारी रेलवे स्टेशन पर उतरे तो हजारों भूखे गरीब बीमार कमजोर हो चुके किसान गांधी जी से अपना दुख दर्द सुनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। जब गांधीजी चंपारण पहुंचे थे, तब वह काठियावाड़ी पोशाक पहने हुए थे। इसमें ऊपर एक शर्ट, नीचे धोती, एक घड़ी, एक सफेद गमछा, चमड़े का जूता व टोपी लोगों का दुख दर्द सुन उन्होंने इस वस्त्र का परित्याग कर दिया।

1921 में गांधी जी मद्रास से मदुरई जाती ट्रेन में भी इसी तरह की हलात देखी तो पूर्ण रूप से अपने वस्त्र का परित्याग कर दीया व केवल धोती का इस्तेमाल करना प्रारंभ किया।

चंपारण में हुए पहले से सत्याग्रह के 30 सालों के बाद भारत आखिरकार 1947 में आजाद हुआ। यह 200 सालों का गुलामी का भी अंत था, इसलिए हमें गांधी जी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हम उनका अनुसरण करते हैं व करते रहेंगे।

इस कार्यक्रम में शामिल युवा गण अमन पांडे, दिव्यांशु कुमार सौरभ, अविनाश दिक्षित, कोरील कुमार, रोबिन कुमार, कुंदन कुमार, विमलेश कुमार, अभिषेक जौहरी, मिथिलेश कुमार, अविनाश गिरी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

सभी लोगों ने कहा कि गांधी जी के कदमों पे चलते हुए हम गरीबों का सहयोग व लगातार  निरंतर सेवा करते रहेंगे।

संवाददता: विवेक चौबे, गढ़वा, झारखण्ड 

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