तीन वर्ष से पेंशन के लिए ब्लाॅक का चक्कर लगा महिला, नही मिला न्याय

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महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड के बरमशिया मयराटोला की एक विधवा महिला पिछले तीन वर्ष से प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रही है, लेकिन महिला को अबतक विधवा पेंशन नहीं मिला। पीड़ित महिला मिठू दे का विवाह दस वर्ष पूर्व बरमशिया के बबलू दे साथ हुआ था। जिससे दो छोटे छोटे बच्चें है। मजदूरी करने के क्रम में महिला के पति बबलू दे की मृत्यू जुलाई 2015 में हो गयी। पति की मौत के बाद परिवार का भरण पोषण करना महिला के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

महिला दूसरों के घर में बर्तन धोकर और झाड़ू-पोछा लगाकर किसी तरह बच्चों का पेट भर पा रही है। महिला ने आर्थिक मदद और विधवा पेंशन के लिए तीन वर्ष पूर्व महेशपुर प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया था परन्तु अबतक विधवा पेंशन मिलना प्रारम्भ नहीं हुआ। महिला पिछले तीन वर्षो में सैकड़ों बार प्रखंड कर्मियों के कहे अनुसार कार्यालय का चक्कर काट चुकी है लेकिन उसे हर बार आश्वासन देकर भेज दिया जाता है।

विधवा महिला मीठू दे ने बताया कि पिछले दिनों प्रखंड कर्मियों के पास विधवा पेंशन शुरू करवाने को लेकर मुकुल शेख और बिमल बास्की से आग्रह किया तो उन्होंने सुविधा शुल्क की मांग की।  शुल्कनहीं देने पर विधवा पेंशन लिस्ट में नाम वेटिंग लिस्ट में रहने का हवाला देकर बाद में आने की सलाह दिया। पीड़ित महिला रोते बिलखते वापस अपने घर चली गई। महिला ने इसकी शिकायत उपायुक्त दिलीप कुमार झा और मुख्यमंत्री जन-संवाद में करने की भी बात कही।

हलाकी अंचल कर्मी ने लगाए गए आरोप को झूठा और बेबुनियाद बताया।

संवाददाता: सुभम भगत, महेशपुर, पाकुड़

 

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