जीएसटी रिफंड की मंजूरी पर स्‍पष्‍टीकरण

GST-1

व्‍यापार संगठनों द्वारा समाचार पत्रों में निर्यात के मामले में जीएसटी रिफंड के लम्बित होने के बारे में कुछ अपुष्‍ट रिपोर्ट प्रकाशित की गई हैं। लोगों के बीच इन आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर रखा गया है,जो गलत है। तथ्‍य यह है कि बड़ी संख्‍या में निर्यातकों के लिए अब तक रिफंड मंजूर किए गए हैं, जबकि कमियां पाए जाने के कारण कुछ दावे अब तक लंबित हैं।

इसके बारे में स्‍पष्‍ट किया जाता है कि जीएसटीएन से सीमाशुल्‍क विभाग को मिले कुल आईजीएसटी रिफंड दावे (41,889 करोड़ रुपये) के लगभग 92.68 प्रतिशत (38,824 करोड़ रुपये) का निपटारा किया जा चुका है। अनेक प्रकार की कमियों के कारण 3065 करोड़ रुपये के शेष दावे लंबित हैं, जिनके बारे में सुधारात्‍मक कार्रवाई के लिए निर्यातकों को सूचित किया गया है।

लंबित रिफंड के दावे के कारण सभी बकाया धनराशियों के भुगतान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें निर्यातक समुदाय का सहयोग अपेक्षित है, वे जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी रिटर्न के साथ ही शिपिंग बिल भरते समय समुचित सावधानी बरतें। इसके बारे में मार्गनिर्देश परिपत्र, चेतावनी, अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल, विज्ञापन आदि जारी करने के साथ ही व्‍यापक तौर पर पहुंच कार्यक्रम चलाए गए हैं। ऐसी व्‍यवस्‍था भी की गई कि जहां त्रुटियों का ऑनलाइन सुधार सम्‍भव न हो, वहां वैकल्पिक प्रक्रिया के तहत लिखित रूप में सुधार किया जा सकता है। इन प्रयासों के सकारात्‍मक परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।

 

इनपुट: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार 

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