उमा भारती ने गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीणों से स्वच्छता स्तर उठाने की अपील की

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केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि गंगा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छता मानक बनाये रखने एवं उससे ऊपर उठाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है जिससे कि नदी की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके। वह उत्तर प्रदेश में कन्नौज में गंगा ग्राम स्वच्छता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। लगभग 8000 हजार स्वच्छग्राहियों, गंगा स्वयसेवकों, युवा संगठन के सदस्यों, छात्रों एवं जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, ने सम्मेलन में भाग लिया।

 गंगा ग्राम खुले में शौच से मुक्ति, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, आधुनिक श्मशान, वृक्षरोपण,जैविक एवं औषधिय पादप कृषि पर बल के साथ गंगा नदी के किनारे बसे गांवों को आदर्श गांवों में रूपान्तरित करने की अवधारणा है।

सुश्री उमा भारती ने कन्नौज जिले को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने की दिशा में जिला टीम, पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने दुनिया के सामने प्रदर्शित कर दिया है कि किस प्रकार सरकार की प्रतिबद्धता और लोगों की भावना राष्ट्रीय स्वच्छता कवरेज को 39 प्रतिशत के निम्न स्तर से बढ़ाकर 96 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचा सकती है।

उत्तर प्रदेश की राज्यमंत्री सुश्री अर्चना पांडे एवं स्पेशल प्रोजेक्ट्स, एमडीडब्लयूएस के महानिदेशक श्री अक्षय राउत ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निभाई गई भूमिकाओं को रेखांकित किया।

इस अवसर पर लोगों के प्रतिनिधि, केन्द्र एवं राज्य सरकार के सरकारी अधिकारी भी उपस्थित थे।

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